आंसुओं की बारिश मैं,
दर्दे दिल डूब गया है,
दिमाग को है पता,
मगर दिल को कौन समजाता?
रात भर के ख्वाबों में,
छुपा है दर्द बड़ा गहरा,
रुलाता है हर आंसू,
कहानी सुनते बेहद प्यारा।
ज़हर सा बीत रहा,
इंतज़ार का हर लम्हा,
दिल में है एक छलाँग,
पर कोई नहीं जो सुने मेरी आवाज़।
आंधियों में भटक रहा हूँ,
दिल में एक तूफ़ान सा हाल है,
बस एक छोटा सा सवाल है,
मेरे दिल का दर्द कौन समझेगा?
By
Sanji-Paul Arvind
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