जिंदगी में एक हमसफर को चाहा
आपका साथ एक सफर भी ना मिला ।
एक अनोखा रिश्ता चाहा,
अब रस्ते पे आगया,
हर पल आपका साथ चाहा,
अब आपके बिना जीना सीकलिया,
आपकी आत्मा को छूना चाहा,
पर मेरी आत्मा ढूंढ ना पाया ।
आपकी पायल की धुन बनना चाहा,
लेकिन आपके पैरों के नीचे कुचलने लगा।
आपको प्यार करना चाहा,
यार भी नहीं बन पाया ।
रिश्ता ना टूटे, ये सोचा था
आख़िर में दिल तोड़ के बैठा ।
By
Sanji-Paul Arvind
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